बच्चों, बहुत खोजबीन के बाद, अचपन जी ने नन्हा मन पर उड़न तश्तरी उतारने में सफलता पाई ! देखा ? तो.. सी-बॉक्स में अपनी प्रतिक्रिया दो !

पढ़ने वाले भैय्या, अँकल जी और आँटी जी,
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
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आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !

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प्यारे बच्चो , आपको और सभी भारतवासियों को आजादी की हार्दिक बधाई और शुभ-काम्नायें । स्वतंत्रता दिवस पर पढिए देश भक्ति की रचनाएं यहां ......

01 जून 2009

शेर और कुत्ता

शेर और कुत्ता
एक जंगल में एक कुत्ता रहता था । वह बहुत घमंडी था । सारा दिन जंगल मे घूमता और स्वयं को जंगल का राजा समझता । वह समझता कि वह सबकी रक्षा करता है और उसे किसी का भी डर नहीं है । वह सबसे यही कहता -" कि अगर मै नहीं रहुंगा तो आप सबकी रक्षा करने वाला भी कोई न होगा और यह जंगल भी तबाह हो जाएगा , मेरे ही कारण यह जंगल सुरक्षित है ।" सब जानवर उसकी बातें सुनते और सुन कर कोई भी उसको जवाब नहीं देता ,क्योंकि वह सब समझ ही नहीं पाते थे कि कुत्ते में ताकत नहीं बल्कि अहं भरा है । कुत्ते नें अपनी बातों से सबको मूर्ख बना रखा था और स्वयं अंधों में काना राजा था । कुत्ता स्वयंको सबसे समझदार समझता । लेकिन उसका यह अहंकार आखिर कितने दिन तक रहता । एक दिन जंगल में एक शेर आ गया । उसने सब जानवरों को बुलाया और जंगल की सरकार बनाई । शेर स्वयं जंगल का राजा बना । जब शेर को कुत्ते के बारे में पता चला कि वह स्वयं को जंगल का राजा समझता है तो शेर ने कुत्ते को बुलाया और समझाया क वह अपना अहं त्याग दे और मुझे राजा मान ले । पर कुत्ते को शेर की बात समझ न आई और अपनी दुम हिलाते हुए बोला- " अरे तुम कौन होते हो मुझे यह सब कहने वाले , मै तो जंगल में पहले से रहता हूं , सभी जानवर मुझे राजा समझते है । तुम यहां पर नए आए हो ,अच्छा यही होगा कि तुम जंगल से वापिस चले जाओ "।
कुत्ते की अहंकार भरी बातें सुनकर शेर क बहुत क्रोध आया और वह कुत्ते पर झपटने के लिए उसके पीछे दौडा । अब तो कुत्ते की जान पर बन आई । वह आगे-आगे दौडा और शेर उसके पीछे-पीछे । अब तो कुत्ता पूरे जंगल में छुपता फ़िर रहा था । जो स्वयं को सबसे स्यना समझता था अब सबके सामने वही नादान था और उसकी जान खतरे में थी क्योंकि शेर ने भी ठान लिया हा कि वह कुत्ते को मारकर ही दम लेगा । अब कुत्ते के पास और कोई रास्ता न बचा था , उसका सारा घमंड टूट चुका था , तो वह सबसे छुप-छुपा कर शेर के पास आया और अपनी गलती की माफ़ी मांग ली । कुत्ते नें शेर को राजा मान लिया और शेर नें भी कुत्ते को माफ़ कर दिया ।
शिक्षा:- हमें झूठा अहंकार नहीं करना चाहिए ।

2 जन ने कहा है:

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

मैंने तो यह सुना था कि
कुत्ता जंगल छोड़कर गाँव चला आया
और गाँव का रखवाला बन गया!
तभी से सब उसे "ग्राम-सिंह" कहते हैं!

दिगम्बर नासवा ने कहा…

शिक्षाप्रद कहानी...........अच्छी लगी

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