बच्चों, बहुत खोजबीन के बाद, अचपन जी ने नन्हा मन पर उड़न तश्तरी उतारने में सफलता पाई ! देखा ? तो.. सी-बॉक्स में अपनी प्रतिक्रिया दो !

पढ़ने वाले भैय्या, अँकल जी और आँटी जी,
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल!
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल!
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल!
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल!
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल!
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल!
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !

nanhaman@gmail.com
पर
मेरे लिये कुछ लिख भेजिये, ना ..प्लीज़ !

प्यारे बच्चो , आपको और सभी भारतवासियों को आजादी की हार्दिक बधाई और शुभ-काम्नायें । स्वतंत्रता दिवस पर पढिए देश भक्ति की रचनाएं यहां ......

07 अप्रैल 2010

आओ सुनाऊँ एक कहानी

सुबह हमारी कहानी तो रह ही गई थी बातों बातों में और मैंने वादा किया था आपसे कि शाम को कहानी सुनाने आऊंगी तो देखिए हम हाजिर हैं । अब कोई बात नहीं सिर्फ़ कहानी मुझे नाना-नानी , दादा-दादी और मम्मी-पापा जैसी राजा-रानी की कहानियं तो नहीं आतीं , हां आप जैसे नन्हे-मुन्ने प्यारे-प्यारे भाई बहन की कहानी सुनाऊंगी ।

एक थी प्यारी सी गुडिया और एक उसका एक भाई था मुन्ना । गुडिया उम्र में कम लेकिन समझ में इतनी बडी कि बडों-बडों को मात दे जाए , उसके विपरीत मुन्ना बहुत मासूम सा प्यारा , भोला और थोडा नासमझ था , अभी बहुत छोटा भी तो था । दोनों भाई बहन मिलजुलकर रहते , उनके पापा सुबह काम को जाते और शाम को घर लौटते , घर में सब ऐशो-आराम ,सुख-सुविधा और नौकर - चाकर थे लेकिन एक सबसे बडी कमी थी - मां की । जब मुन्ना बहुत छोटा था तो एक दिन अचानक उनकी मां इतनी गहरी नींद सोई कि फ़िर कभी जगी ही नहीं लेकिन मुन्ना इन सब बातों से अनजान था । गुडिया सब समझती थी , लेकिन मां की कमी उसे कितनी खलती है किसी को महसूस ही न होने देती ।
एक दिन मुन्ना गुडिया से बोला , दीदी अगर हमारी मां होती तो वो भी हमें घुमाने ले जाती न , चलो हम घूम कर आते हैं ?
गुडिया बोली ...नहीं ,नहीं मुन्ना , बाहर बहुत धूप है , और तुम इतने छोटे हो चलते-चलते थक जाओगे , हम बाहर घूमने नहीं जा सकते ।
गुडिया के मुंह से ना सुनकर मुन्ना बहुत निराश हुआ और गुस्सा होकर बिना कुछ बोले चुपचाप जाकर सो गया । गुडिया को भाई का इस तरह रूठना बहुत बुरा लगा , उसनें बहुत मनाने का प्रयास किया लेकिन मुन्ना नें गुडिया के साथ कोई बात नहीं की ।
गुडिया सोचने लगी कि वह कैसे अपने भाई को मनाए , वह तो तभी मानेगा , जब वह उसे घुमाने लेकर जाएगी ।
फ़िर गुडिया को एक ख्याल आया - उनके पास एक खिलौना गाडी थी जिसमें बैठकर अकसर वे दोनों खेला करते थे , उसने सोचा क्यों न वह इसमें भाई को बैठाकर घुमाने के लिए ले जाए । भाई को धूप से बचाने के लिए उसनें गाडी पर एक छाता लगाया और फ़िर अंदर जाकर भाई को जगाकर ले आई ।
उसे गाडी में बैठाया और पूरा शहर घुमाकर वापिस ले आई , मुन्ना पूरा शहर घूमकर बहुत खुश हुआ , उसे ऐसा लगा मानो उसकी मां उसे मिल गई हो । भाई को खुश देखकर गुडिया गर्व से फ़ूली न समाई और बडी बहन मां का फ़र्ज़ निभाकर बहुत प्रसन्न थी ।

इस तस्वीर को देखकर ही यह कहानी लिखी गई थी काव्य कथा के रूप में ।


बचपन में सुनते थे कहानी,
कभी सुनाते दादा-दादी,
कभी सुनाते नाना-नानी
होती थी कुछ यही कहानी
एक था राजा, एक थी रानी
दोनों मर गये ख़त्म कहानी
आज सुनो तुम मेरी ज़ुबानी
न कोई राजा, न कोई रानी
एक है भाई, एक है बहना
दोनों का मिलजुल कर रहना
भाई तो है छोटा बच्चा
और अभी है अकल में कच्चा
बहना भी है गुड़िया रानी
पर वो तो है बड़ी सयानी
माँ की ममता मिली नहीं है
बाप के पास भी वक़्त नहीं है
घर में सारी ऐशो-इशरत
आगे-पीछे नौकर-चाकर
दोनों प्यारे-प्यारे बच्चे
नन्हे से पर दिल के सच्चे
दोनों ही बस प्यार से रहते
सुख-दुख इक दूजे से कहते
इक दिन भाई बोला-बहना!
सुनो ध्यान से मेरा कहना
आज अगर अपनी माँ होती
हमें घुमाने को ले जाती
चलो कहीं पर घूम के आएँ
हम भी अपना दिल बहलाएँ
गुड़िया रानी बड़ी सयानी
समझ गई वह सारी कहानी
बोली तुम न जा पायोगे
चलते-चलते थक जायोगे
ऊपर से तो धूप भी होगी
चलोगे कैसे गर्मी होगी?
सुन कर भाई निराश हो गया
और जाकर चुपचाप सो गया
गुड़िया ने तरकीब लगाई
जिससे खुश हो जाए भाई
उनकी थी एक खिलौना गाड़ी
करते थे वो जिसपे सवारी
क्यों न उस पर भाई को बैठाए
और घुमाने को ले जाए
उस पर एक लगाया छाता
गुड़िया को तो सब कुछ आता
भाई को उसने जा के जगाया
और गाड़ी पर उसे बैठाया
निकल पड़ी वो लेकर गाड़ी
गुड़िया रानी नहीं अनाड़ी
भाई को पूरा शहर घुमाया
बहन ने माँ का दर्जा पाया
ख़त्म हो गई मेरी कहानी
ऐसी थी वो गुड़िया रानी।

****************************

5 जन ने कहा है:

Suman ने कहा…

nice

डा० अमर कुमार ने कहा…


एक सु्गढ़ कहानी, रोचक अँदाज़,
फिर उस पर चस्पॉ एक सर्वव्यापी nice
इस नाइस पर..
भला कौन न वारी वारी जाये ?
Wow ! मन मुदित हुआ !

anjana ने कहा…

बढिया कहानी..

Shekhar kumawat ने कहा…

bahut khub

badhai aap ko is ke liye


shekhar kumawat

http://kavyawani.blogspot.com/

Amitraghat ने कहा…

बहुत अच्छी कहानी और कविता भी... सच में बड़ी बहनें अपने छोटे भाईयों को खूब प्यार करती हैं....."

एक टिप्पणी भेजें

कैसा लगा.. अच्छा या बुरा ?
कुछ और भी चाहते हैं, आप..
तो बताइये ना, हमें !

देखिये, आपके चुनाव के विकल्प !

सीमा सचदेव (175) बाल-कविता (111) आचार्य संजीव 'सलिल' (35) बाल-कथाकाव्य (34) विशेष दिन-विशेष सामग्री (28) त्योहार (25) हितोपदेश (23) रावेंद्रकुमार रवि (19) कहानी (16) खेल गीत (15) काम की बातें-शृंखला (14) बन्दर की दुकान (14) बाल-उपन्यास (14) acharya sanjiv 'salil' (10) आकांक्षा यादव (10) डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’ (10) acharya sanjiv verma 'salil' (9) samyik hindi kavita (9) आलेख (9) चित्रावली (8) पर्यावरण दिवस (8) प्रतीक घोष (8) बालगीत (8) मदर्स डे (8) रंग-रंगीली होली (8) contemporary hindi poetry. (7) रामेश्वरम कम्बोज हिमांशु (7) श्रव्य-दृश्य (7) india (6) jabalpur (6) अचपन जी की बातें (6) बाल गीत (6) सोमाद्रि शर्मा (6) स्वतंत्रता दिवस (6) डा. अमर कुमार (5) निर्मला कपिला (5) बाल-उपन्यास-चूचू और चिण्टी (5) baal kavita (4) गणतंत्र दिवस (4) जीव बचाओ अभियान (4) फ़ादर्स डे (4) बाल काव्यकथा (4) संजीव 'सलिल' (4) हेमन्त कुमार (4) doha (3) hindi chhand (3) कवि कुलवंत सिंह (3) दादी मां की कहानियां (3) नवरात्र (3) बसंत पंचमी (3) बाघ बचाओ अभियान (3) बालगीत। (3) मंजु गुप्ता (3) महीनों के नाम (3) शिशुगीत (3) bal geet (2) bal kavita (2) conteporary hindi poetry (2) hindi (2) kisoron ke liye (2) maa (2) navgeet (2) अक्कड़-बक्कड़ (2) अजय कुमार झा (2) आओ सुनाऊं एक कहानी (2) आवाज (2) एनीमेशन (2) कवियत्री पूनम (2) गणेशोत्सव (2) झूमो नाचो गाओ। (2) झूले लाल (2) डा. अनिल सवेरा (2) दीवाली (2) पाखी की दुनिया (2) बचपन के गीत (2) बि‍ल्‍ली बोली म्‍याउं म्‍याउं (2) बूझो तो जाने (2) महा-शिवरात्रि (2) रचना श्रीवास्तव (2) रश्मि प्रभा (2) रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ (2) विश्व जल दिवस (2) शुभम सचदेव (2) सरस्वती वंदना (2) साक्षी (2) सैर-सपाटा (2) 'शुभ प्रभात' (1) aam (1) alankar (1) anushka (1) baal geet (1) baalgeet (1) baigan (1) bal kacita (1) balgeet (1) baniyan tree (1) bargad (1) barsat (1) barse pani (1) bhagvwan (1) bharat mata (1) bhata (1) bimb (1) birds (1) bitumen (1) brinjal (1) buddhoobaksa (1) bulbul (1) chhand (1) chidiya (1) chooja (1) chuapaee (1) construction (1) damal (1) devi (1) dharti (1) door darshan (1) ganesh (1) gau (1) gauraiya (1) gudda (1) gudiya (1) hindi lyric (1) idiot box (1) imulsion (1) kaam (1) kaar (1) katha-geet (1) koyal (1) langadi (1) mango (1) marg (1) mother. (1) nirman (1) nursary rhyma (1) nursary rhyme (1) nursary rhyme in hindi (1) pakhee ki billee (1) paver (1) poem for kids (1) poetry for kids (1) ras (1) rasal. (1) road (1) roller (1) sadak (1) samyik hindi bal sahitya (1) samyik hindi geet (1) sanjiv 'salil' (1) sanjiv 'salil'. (1) saraswati (1) shishu geet (1) television (1) varsha (1) zindagi (1) अच्छा बच्चा (1) अब्राहम लिंकन का पत्र (1) आदित्य (1) आप बन सकते हैं नन्हामन के सदस्य (1) आशी (1) इंदु पुरी (1) इक चूहे नें बिल्ली पाली (1) इक जंगल में लग गई आग (1) कमला भसीन (1) कम्पुटर का युग (1) कहानी एक बुढ़िया की (1) कहानी:घर की खोज (1) कान्हा की बाल-लीलाएं (1) कान्हा की बाल-लीलाएं-2 (1) कान्हा की बाल-लीलाएं-3 (1) कान्हा की बाल-लीलाएं-4 (1) कान्हा की बाल-लीलाएं-5 (1) कान्हा की बाल-लीलाएं-6 (1) काला-पानी की कहानी (1) गधे नें बसता एक लिया (1) गधे नें सीख लिया कंप्यूटर (1) गुरु रविदास ज्यंती (1) गोवर्धन पूजा (1) चंदा मामा। (1) चन्द्र प्रकाश मित्तल (1) चिंटू-मिंटू (1) चित्र/पेंटिंग (1) चिड़िया (1) चूँ चूँ चिड़िया चुन दाना (1) चूहा बिल्ली दोस्त बने (1) ज्ञान कुमार (1) झाँसी की रानी (1) झूमें नाचें गायें (1) झूमो नाचो गाओ (1) टूथब्रश की दुनिया (1) डा0 डंडा लखनवी (1) ढपोलशंख की सुनो कहानी (1) दोहे (1) धन तेरस (1) नन्ही-मुन्नी कहानियां (1) नम भूमि दिवस (1) नरक चतुर्दशी (1) नव गीत (1) नाचा मोर (1) नाना जी की मूंछ (1) निखिल कुमार झा (1) पहुंचा शेर शहर में (1) पाखी की बिल्ली (1) पूनम। (1) बचपन (1) बाघ बडा फ़ुर्तीला है (1) बाल सजग (1) बाल-रचना प्रतियोगिता - 2 (1) बाल-श्रम (1) बुद्ध पूर्णिमा (1) भजन (1) भैया दूज (1) मकर संक्रान्ति (1) मदर टेरेसा (1) महात्मा ईसा की कहानी (1) महात्मा गान्धी (1) महेश कुश्वंश (1) मीनाक्षी धंवंतरि (1) मुन्ना :मेरा दोस्त (1) मेरे कपड़े (1) मैं गणेश (1) यह है देश हमारा (1) ये भी तो कुछ कहते हैं----- (1) रक्षा बंधन (1) राम-नवमी (1) रिमझिम (1) लंगडी खेलें..... (1) लोहडी (1) वर्णमाला (1) विजय तिवारी " किसलय " (1) विश्व जल दिवस नारे (1) वैसाखी का मेला (1) व्याकरण (1) शिशु गीत (1) शिशु गीत सलिला : 2 (1) शेर और कुत्ता (1) शैलेश कुमार पांडे (1) श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी (1) श्री गुरु नानक देव जी (1) श्वेता ढींगरा (1) सतरंगे बादल (1) समीर लाल समीर (1) साक्षरता अभियान (1) सोन चिरैया (1) हाइटेक चूहे (1) हिन्दी दिवस (1)
टेम्प्लेट परिकल्पना एवँ अनुकूलन :डा.अमर कुमार 2009