बाल गीत: संजीव 'सलिल'
बाल गीत:
संजीव 'सलिल'
हे हरि! मुझे बना दो बच्चा.
झूठ न बोलूँ, बोलूँ सच्चा.....
*
थोडा चंचल, थोडा नटखट.
कभी करूँ मैं थोड़ी खटपट..
जल्दी-जल्दी करूँ पढ़ाई,
तुरत खेलने भागूँ झटपट..
थोडा समझदार हो जाऊँ
थोडा रहूँ अकल का कच्चा.....
*
मुझे बड़प्पन नहीं सुहाता.
रिश्ते-नाते जगत भुनाता..
मन करता है उछलूँ-नाचूँ.
पर मसोसकर मन रह जाता..
दोस्त-यार भी देते गच्चा.....
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