हिन्दी हम सब की हमजोली
यही तो अपनी प्यारी बोली
इससे ही अपना सम्मान
भारतियों की यही है शान
सागर सा है इसका दिल
सबमें जाती ये घुलमिल
प्यार भरा है इसमें इतना
गगन विस्त्रित लगता जितना
भाषा जिसनें ये अपनाई
सुख शान्ति स्म्रिधि पाई
पढ़ने वाले भैय्या, अँकल जी और आँटी जी,
nanhaman@gmail.com
पर
मेरे लिये कुछ लिख भेजिये, ना ..प्लीज़ !