आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल!
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल!
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल!
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल!
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल!
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल!
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !
आप सब को नन्हें मन का नमस्ते.. प्रणाम.. सत श्री अकाल !


पढ़ने वाले भैय्या, अँकल जी और आँटी जी,
nanhaman@gmail.com

पर
मेरे लिये कुछ लिख भेजिये, ना ..प्लीज़ !

*****************************************

नटखट बचपन नटखट बचपनशैतानी भरा मासूम शरारती बचपन अगर आपको भी भीतर से गुदगुदाता है तो कलम उठाएं और लिख भेजें कोई भी बाल्-रचना और लीजिए बाल-रचना प्रतियोगिता में भाग रचनाएं भेजने की आखिरी तिथी 31-07.09 विस्तृत जानकारी यहां

आपकी सीमा सचदेव

05 January 2009

लोमडी और कौआ

नमस्कार बच्चो आपने लोमडी और कौए की कहानी अवश्य सुनी होगी ,लेकिन हमने लिखी है बिल्कुल नए रूप मे पढना और बताना जरूर कैसी लगी यह नई कहानी

लोमड़ी और कौआ

जंगल में इक लोमड़ी रहती
मीठी-मीठी बातें कहती
बातों से सबको मोह लेती
मीठी बनकर ही ठग लेती
देखती रहती ऐसा मौका
जब दे सके दूसरो को धोखा
बातों में सारे आ जाते
बाद में खुद को मूर्ख पाते
इक दिन तो लोमड़ी ने देखा
कौआ इक टहनी पर बैठा
रोटी उसने मुँह में दबाई
देख के लोमडी भी ललचाई
किसी तरह से लेगी रोटी
थी लोमड़ी की नियत खोटी
जाकर बोली कौए भैया
बैठूँगी मैं वृक्ष की छैया
गरमी में मिलेगी राहत
पर मेरे मन में इक चाहत
सुनाओगे तुम जो मीठा गाना
होगा यह मौसम भी सुहाना
गरमी में मीठा संगीत
सुना दो मुझे जान के मीत
लोमड़ी ने तो की चतुराई
पर कौए को समझ में आई
लेना चाहती है वो रोटी
है लोमड़ी की नियत खोटी
यह तो है लोमड़ी की चाल
नहीं है उसे गाने का ख्याल
कौआ धोखा न खाएगा
चालाकी से समझाएगा
रोटी उसने पैर में दबाई
काँ-काँ की आवाज़ सुनाई
बहुत से कौए आ गए सुनकर
काँ-काँ करने लगे सब मिलकर
लगे वो लोमड़ी पर मँडराने
इधर-उधर से उसे सताने
दुम दबा के लोमड़ी भागी
और सबको ही समझ में आ गई
............................
मीठी बातों में नहीं आना
किसी के हाथों न खुद को लुटाना
..........................
बच्चो तुम भी बात समझना
किसी के धोखे में न आना


तुम्हारी सीमा सचदेव

7 जन ने कहा है:

महेंद्र मिश्रा ने कहा…

लोमडी और कौए की कहानी
कविता के रूप में पढ़कर आनंद आ गया .
वाह धन्यवाद्.

सुशील कुमार छौक्कर ने कहा…

पढकर खुद को तो अच्छा लगा। और अपनी बेटी को भी सुनाऐगे। उसको कहानी सुनने को बहुत शौक हैं। आपका प्रयास बहुत अच्छा हैं।

HEY PRABHU YEH TERA PATH ने कहा…

आपकि कविता "लोमडी और कौआ" लेखनी, बच्चो और आम लोगो कि विचारो से करीब है इस बात से मै प्रभावित हु। आशा करता हु कि आप आगे भी लिखती रहेगी।
एवम आपके स्वस्थ्य प्रसन्ता कि कामना करता हु। समय समय पर आपके विचारो कि अपेक्षा रखता हु।

हार्दिक मगलकामनओ सहीत

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत ही सुंदर लगी आप की यह कविता, बच्चो को अब ऎसी कहनियां ओर कविताये शायद ही सुननए को मिलती हो.आप की सभी कविताये बहुत ही प्रेणादयक है.
धन्यवाद

makrand ने कहा…

bahut acchi kahani bachhoan aur badoan ke liye bhi

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

बहुत अच्छी कविता. कहानी का कविता के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिलचस्प है.

अर्शिया अली ने कहा…

सुन्‍दर कविता।

एक टिप्पणी भेजें

कैसा लगा.. अच्छा या बुरा ?
कुछ और भी चाहते हैं, आप..
तो बताइये ना, हमें !

तुम भी अब हिन्दी में लिखो..

अब जहाँ चाहो, कापी-पेस्ट कर दो !

टेम्पलेट परिकल्पना एवं अनुकूलन : डा. अमर कुमार 2009