राखी के तार - रामेश्वर कम्बोज हिमान्शु
नमस्कार बच्चो ,
रक्षा-बन्धन की हार्दिक बधाई और शुभ-कामनाएं । आज आपके लिए भेजी हैं प्यारी-प्यारी नन्ही-नन्ही कविताएं " रामेश्वर कम्बोज हिमान्शु "जी नें ।
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नमस्कार बच्चो ,
रक्षा-बन्धन की हार्दिक बधाई और शुभ-कामनाएं । आज आपके लिए भेजी हैं प्यारी-प्यारी नन्ही-नन्ही कविताएं " रामेश्वर कम्बोज हिमान्शु "जी नें ।
हर मासूम चेहरे पर खुशी हमारा ध्येय है | बच्चों की हँसी , राष्ट्र की विजय है | हम सद्-विचारों को फैलाएँगे | नेता देश का , बच्चों को बनाएँगे | कहते है बच्चों मे , बसता है भगवान् | हम उसे , हर मन मे बसाएँगे | न होगा किसी से , बैर का भाव | न देन्गे हम , किसी को घाव | दूसरों के घावों पर , मरहम लगाएँगे | प्यार और सदभाव , अपने देश मे फैलाएँगे | हमें यह पक्का यकीं है , कि हम यह सपना , सच्च कर दिखाएँगे......... सीमा सचदेव
2 जन ने कहा है:
रक्षाबंधन पर कित्ती प्यारी कविता...रक्षाबंधन तो कित्ता प्यारा त्यौहार है...ढेर सारी बधाइयाँ.
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"पाखी की दुनिया' में 'मैंने भी नारियल का फल पेड़ से तोडा ...'
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बहुत हैं प्यारी,
कविताएँ ये सारी!
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